Sunday, April 22, 2018

बच्चियों से रेप पर मिलेगी मौत की सजा

12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ रेप करने वाले बलात्कारियों को अब मौत की सजा मिलेगी। उन्नाव और कठुआ की घटना के बाद सरकार इस मामले पर गंभीर हो गई है। मोदी कैबिनेट ने इसको लेकर अध्यादेश लाने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने क्रिमिनल लॉ (संशोधन) अध्यादेश को लाने  की सहमति जता दी है। इस अध्यादेश के मुताबिक 12 साल या उससे कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार करने वाले दोषियोें को फांसी की सजा दी जाएगा। जाहिर है बच्चियों के साथ रेप की बढ़ती घटनाओं के बाद सरकार सख्त हुई है। अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी  मिलने के बाद तुरंत लागू कर दिया जाएगा। इस अध्यादेश के मुताबिक रेप के अपराध के लिए न्यूनतम 7 साल की सश्रम कारावास की सजा की अवधि को बढ़ा कर 10 वर्ष कर दिया जाएगा।16 साल से कम उम्र की किशोरियों से रेप के मामले में दोषी को न्यूनतम 20 साल की सश्रम कारावास की सजा दी जाएगी। मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों को अग्रिम जमानत नहीं मिल पाएगी। वहीं 12 साल या उससे कम की बच्चियों के मामले में दोषी को मौत की सजा दी जाएगी।
यदि आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2017 में देश भर में बलात्कार के 28,947 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें मध्य प्रदेश नंबर वन पर है। मध्य प्रदेश में महिलाओं के साथ रेप के 4, 882 मामले दर्ज किए गए। वहीं दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश रहा, जहां 4816 मामले दर्ज हुए। इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है जो 4189 मामलों के साथ देशभर में तीसरे नंबर पर रहा। पूरे देश में नाबालिगों के साथ रेप के 16863 मामले दर्ज किए गए। बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश में 2479 FIR दर्ज की गई। इसके साथ नाबालिगों के साथ रेप के मामले में भी मध्य प्रदेश पहले नंबर पर है। इस कुकर्म के मामले में महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है। वहां 2310 मामले दर्ज किए गए। जबकि उत्तर प्रदेश 2115 मामलों के साथ तीसरे नंबर पर है। एक अनुमान के मुताबिक देश में हर एक 48 मिनट में एक बच्ची के साथ रेप होता है। ऐसे में सरकार का ये अध्यादेश काफी महत्वपूर्ण है। सरकार का दायित्व है कि वो बच्चियों को सुरक्षा प्रदान करें और इसके साथ ही बच्चियों के माता-पिता को भी सुरक्षा संबंधी उपायों को लेकर जागरूक करें।

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