Monday, April 23, 2018

वीरता का सम्मान या वोटबैंक का समाधान ?

बिहार में आजादी के योद्धाओं में बाबू वीर कुंवर सिंह का स्थान अव्वल है। पटना में भाजपा के राजपूत नेताओं और समाज के लोगों ने वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव मनाया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। राजनाथ सिंह राजपूत समाज से आते हैं। लिहाजा उनके इस कार्यक्रम में शिरकत करने के कई मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल 14 अप्रैल को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती थी जिसमें कई दलित नेता शामिल हुए और अपनी एकजुटता को प्रदर्शित किया। कुंवर सिंह के विजयोत्सव को इसी संदर्भ में काट के तौर पर देखा जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान राजपूत समाज ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया है। वहीं भाजपा ने इस एकजुटता को देखकर राहत की सांस ली है, क्योंकि राजपूत समाज भाजपा का पारंपरिक वोटबैंक है। यदि ये वोटबैंक भाजपा के हाथ से निकल गया तो फिर वो बीजेपी की सेहत के लिए ठीक नहीं होगा। वैसे भी लोकसभा चुनाव अब धीरे-धीरे नजदीक आ रहा है। इस दौरान भाजपा ने जब ये भांप लिया कि उसने कुछ ज्यादा ही दलित प्रेम दिखा दिया तो इसको देखते हुए उसने अपने परंपरागत वोटबैंक को बचाने की कवायद शुरू कर दी। इसके लिए 22 अप्रैल को बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव को जरिया बनाया गया और उसमें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को आमंत्रित किया गया। 
इस कार्यक्रम के जरिए बीजेपी ने राजपूत समाज को साफ संकेत दे दिया कि भाजपा उसके साथ है। अब ये अलग बात है कि भाजपा ने के्ंद्र की सत्ता हासिल करने के बाद भी अपने परंपरागत सवर्ण वोटबैंक पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया, जिससे इस वर्ग में असंतोष की भावना पैदा होने लगी थी। लिहाजा भाजपा ने अपने परंपरागत वोटबैंक पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बाबू वीर कुंवर सिंह को आजादी का महान योद्धा बताया। वहीं इस दौरान उन्होंने आतंकवाद और नक्सलवाद पर भी जमकर प्रहार किया। राजनाथ ने पाकिस्तान का नाम लेते हुए कहा कि यदि उधर से फायरिंग होती है तो भारत गोलियों की गिनती नहीं करेगा, बल्कि पाकिस्तान को उसी के अंदाज में जवाब दिया जाएगा। 

No comments:

Post a Comment