Thursday, April 19, 2018

रेलवे का 'स्पेशल' स्वच्छता अभियान ?

हबीबगंज (भोपाल) दिन बुधवार, समय 5 बजकर 30 मिनट, लेकिन गाड़ी छूट न जाए इसलिए सभी यात्री समय
से आधा घंटा पहले पहुंच गए। अब आपको गाड़ी का नंबर और नाम बताते हैं। गाड़ी का नंबर 01665 है और ये हबीबगंज से अगरतल्ला जाती है। गाड़ी का नाम हबीबगंज अगरतल्ला समर स्पेशल है। जाहिर है गाड़ी स्पेशल है तो सुविधाएं भी स्पेशल होनी चाहिए। स्पेशल इसलिए भी कि रेलवे ने स्पेशल के नाम पर यात्रियों से ज्यादा किराया वसूला है। लेकिन इस स्पेशल ट्रेन की स्पेशल बात ये देखने में आई कि जैसे ही यात्री अपनी-अपनी सीटों पर पहुंचना शुरू हुए तो सीटों की दशा देखकर यात्रियों ने अपना माथा पीट लिया। सीटों पर धूल का ऐसा जमाव था कि ऐसा लग रहा था कि कोच को किसी कबाड़खाने से निकाल कर रेलवे ने स्पेशल ट्रेन बना दिया। कई जगह सीटें फटी हुई मिलीं। इतना ही नहीं ये गाड़ी बिहार के पाटलिपुत्र स्टेशन पर लगभग सात घंटे लेट पहुंची। गाड़ियों का लेट होना पुरानी बीमारी है। इसका इलाज अच्छे से अच्छा रेलमंत्री नहीं कर पाया तो वर्तमान रेल मंत्री कौन सा दवा  ईजाद करेंगे जिससे रेलगाड़ियों की लेटलतीफी पर अकुंश लग सके। वैसे यात्री गाड़ियों की लेटलतीफी के आदी हो गए हैं और वो इसकी शिकायत भी किसी से नहीं करते।लेकिन हबीबगंज अगरतल्ला ट्रेन में यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशान किया तो वो है रेलवे का स्वच्छता अभियान जिसे आप तस्वीर में देख सकते हैं। सीटों की गंदगी ने जिस तरह से यात्रियों के कपड़े गंदे किए उससे रेलवे के स्वच्छता अभियान पर ही सवाल खड़ा हो जाता है। बता दें कि रेल मंत्री के ओहदे पर पहले सुरेश प्रभु आए जिन्होंने रेलवे का कायाकल्प करने के कई दावे किए, लेकिन जब एक के बाद एक ट्रेन हादसे होने लगे तो सुरेश प्रभुजी चलते बने, उनके बाद पीयूष गोयल आए लेकिन रेलवे का काम करने का सिस्टम नहीं बदलता। भले ही रेल हादसों की खबर न आई हो लेकिन ट्रेनों का देरी से चलना तो आज भी आम बात है। जाहिर है एसी वाले चेंबर में बैठकर दावे करना आसान है लेकिन उन दावों को हकीकत में बदलना एक बड़ी चुनौती है। पहले सुरेश प्रभु इस चुनौती भरी परीक्षा में फेल हुए और अब पीयूष गोयल का हश्र भी कुछ वैसा ही दिख रहा है। बड़ा सवाल ये है कि जब मंत्रियों को बदलने के बाद भी जब सिस्टम नहीं सुधर रहा है तो जनता के प्रधान सेवक पीएम नरेंद्र मोदी जी अब किसको लेकर आएंगे जो रेलवे का सिस्टम सुधारेगा।

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