Wednesday, March 21, 2018

SC-ST एक्ट के दुरुपयोग पर लगेगी रोक?

क्या वाकई SC-ST कानून का दुरुपयोग नहीं होगा? इस कानून के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट ने जो चिंता जताई  है वो जायज है। सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून के तहत होने वाली तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाई है वहीं DSP स्तर के अधिकारी की जांच के बाद ही FIR दर्ज होगी। वहीं सामान्य नागरिक की गिरफ्तारी के लिए SSP स्तर के अधिकारी से मंजूरी लेनी होगी। जाहिर है सुप्रीम कोर्ट की इस व्यवस्था से गैर SC-ST जाति के लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि वर्तमान में समाज की मानसिकता क्या उसी वक्त की है जब ये कानून बना था। बता दें कि अनुसूचित जाति-जनजाति प्रताड़ना निवारण अधिनियम, 1989 नाम का ये कानून 1989 में अस्तित्व में आया था।  इस कानून में तुरंत FIR दर्ज होती थी और  आरोपी की गिरफ्तारी हो जाती थी। इस कानून की धारा 18 आरोपियों को जमानत पर रोक लगाती है। ऐसे में इस कानून की कठोरता का पता चलता है। गुस्सा, विद्वेष कुछ ऐसे तत्व हैं जो बदले की भावना को भड़काने का काम करते हैं। माना संविधान में दलित के उत्थान के लिए कई प्रावधान हैं, लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं कि दलित बदलने की भावना से इन प्रावधानों का दुरुपयोग करे। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस कानून के तहत दर्ज मामले ज्यादातर फर्जी पाए जा रहे हैं। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 


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