Tuesday, March 6, 2018

पहले ग्रीन, फिर लाल सिग्नल क्यों ?

चाहे सेंसेक्स हो या फिर निफ्टी, बाजार के खुलते ही ऐसा लगा मानो शेयर बाजार में बहार आ गई है और निवेशकों के लिए चांदी-ही-चांदी है, लेकिन दोपहर आते-आते ये खुशी काफूर हो गई और फिर वही कहानी दोहराई गई जो वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट भाषण के बाद से लिखी जा रही है। 6 अगस्त शेयर बाजार के लिए अच्छा भी रहा और बुरा भी। बाजार ने जब ग्रीन सिग्नल दिया तो निवेशकों ने क्या किया होगा ये उन पर छोड़ना चाहिए, लेकिन जब बाजार ने रेड सिग्नल देना शुरू किया तो फिर निवेशकों ने क्या किया होगा। इसका अंदाजा शेयर बाजार की जानकारी रखने वाला कोई भी इंसान आसानी से लगा सकता है। आपको बता दें कि बाजार ने दोपहर बाद से निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। निफ्टी  10249.20 पर बंद हुआ यानि 109.60 गिरकर निफ्टी बंद हुआ। इस तरह से निवेशकों को 1.06 फीसदी का झटका लगा है। इसी तरह सेंसेक्स भी गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 33317.20 पर बंद हो गया। यानि  429.56 अंक गिरकर इसने निवेशकों को रुलाया। सेंसेक्स ने 1.27 फीसदी का चूना निवेशकों को लगा दिया। किसी ने सही कहा है कि शेयर बाजार उस समुद्र की तरह है जिसकी लहरों के बारे में कोई भी सटीक भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। 

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