Sunday, March 4, 2018

पूर्वोत्तर का जवाब 'मोदी हैं बेहतर'

पूर्वोत्तर भारत में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं। इन नतीजों ने सबको हैरान किया है। तीन में से दो राज्यों में जिस तरह से भगवा पसरा है उससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी को मिशन 2019 में जीत के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। फिलहाल त्रिपुरा में बीजेपी प्रचंड बहुमत में है। चुनाव आयोग के मुताबिक यहां 59 सीटों पर हुए मतदान में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को 43 सीटें मिली हैं वहीं लेफ्ट पार्टी को 16 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। जाहिर है त्रिपुरा में बीजेपी ने इतिहास रच दिया है। इस पार्टी ने 25 साल पुरानी माणिक सरकार को उखाड़़ फेंका है। इसी तरह मेघालय में भाजपा ने 2 सीटें जीत कर अपना खाता खोल लिया है। 59 सीटों वाली मेघालय विधानसभा में कांग्रेस को 21 सीटें मिली हैं जबकि NPP को 19 सीटें मिली हैं। यहां कांग्रेस NPP के साथ मिलकर सरकार बनाने की कवायद में जुट गई है। वहीं 60 सीटों वाली नागालैंड विधानसभा में बीजेपी को 11 सीटें मिली हैं। यहां NPF को 27 सीटें मिली हैं। त्रिपुरा में प्रचंड बहुमत मिलने पर बीजेपी में तो जश्न का माहौल है, लेकिन मेघालय में कांग्रेस को जो जमीन हासिल हुई है, उससे भाजपा के कांग्रेस मुक्त भारत का सपना फिलहाल पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसमें अहम बात जो निकल कर सामने आई है वो ये है कि अब लेफ्ट पार्टियां केरल में ही सिमट कर रह गई  हैं। उधर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साफ कह दिया है कि जब तक उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और केरल में अपनी सरकार नहीं बना लेती तब तक बीजेपी शांत नहीं बैठेगी। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने त्रिपुरा के मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को आभार जताया है और उन्हें इस जीत की बधाई दी है। बता दें कि इन तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 27 फरवरी को किया गया था। जिसके बाद 3 मार्च को मतगणना ने जहां लेफ्ट को निराश किया वहीं बीजेपी और कांग्रेस को गदगद कर दिया है। 

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