Sunday, February 4, 2018

योगीजी का 'एनकाउंटर' स्पेशल

72 घंटे 25 एनकाउंटर। 36 बदमाश गिरफ्तार। 3 अपराधी ढेर। यानि उत्तर प्रदेश में बदमाशों पर शामत आ गई है। सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी का ऐलान अब धरातल पर है। जिस तरह से पुलिस एक्टिव हुई है और बदमाशों के लिए यमराज बनी है। उससे साफ पता चलता है कि योगी अपनी उस घोषणा पर अमल में है जिसमें उन्होंने कहा था कि अपराधी या तो अपराध छोड़ दे या फिर उत्तर प्रदेश। यदि वो उत्तर प्रदेश में रहते हैं तो उनके लिए दो ही जगह हो सकती है एक एनकाउंटर और दूसरा जेल। जो बदमाश पकड़े जा रहे हैं वो जेल भेजे जा रहे हैं और जो पकड़ में नहीं आ रहे हैं उनका सीधे ऊपर का टिकट काट दिया जा रहा है।पुलिस ने 24 घंटे के भीतर 5 बदमाशों को धर पकड़ा है। एनकाउंटर में 25 हजार का इनामी बदमाश इंद्रपाल को पुलिस वालों ने अपनी जांबाजी दिखाते हुए मौत की नींद सुला दिया। मृतक बदमाश पर 30 से ज्यादा मामले दर्ज थे। जिस तरह से ऑपरेशन चल रहा है उससे साफ पता चलता है कि पुलिस अपराधियों पर कहर बन कर टूटी है। लेकिन इन एनकाउंटर के बीच कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं। जिस पर टीवी चैनल से लेकर अखबार तक, सभी मंथन कर रहे हैं कि एनकाउंटर की आड़ में यूपी पुलिस कहीं अपनी पुरानी रंजिश तो नहीं निकाल रही। दरअसल नोएडा में एक जितेंद्र नाम के एक युवक को ट्रेनी दारोगा ने अपने चार सिपाहियों के साथ मिलकर गोली मार दी। जिससे जितेंद्र घायल हो गया। पहले तो इसे एनकाउंटर का नाम दिया गया, लेकिन बाद की तफ्तीश में मामला एनकाउंटर का नहीं निकला। अब नोएडा पुलिस इसे आपसी रंजिश का मामला बता रही है। जाहिर है इस तरह की घटना से यूपी में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान पर सवाल उठेगा ही। जिसका जवाब यूपी पुलिस के साथ योगी आदित्यनाथ को भी देना होगा। फिलहाल पुलिस ने इस घटना में शामिल आरोपी दारोगा को जेल भेज दिया है वहीं चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। बहरहाल क्राइम के मामले में पहले से ही उत्तर प्रदेश बदनाम है। ऐसे में इस तरह के ऑपरेशन का कोई भी नागरिक स्वागत करेगा। लेकिन ये अभियान सिर्फ और सिर्फ अपराधियों के खिलाफ होना चाहिए वो भी कानून के दायरे में रहकर। कानून की रखवाली करना पुलिस का काम है। लेकिन पुलिस को कानून अपने हाथ में लेना न्यायिक संस्थाओं को कतई मंजूर नहीं होगा। ऐसे में योगी जी संभल कर । आंकड़ों की बाजीगरी से जरा दूर रहिएगा। तथ्यों के साथ आगे बढ़िए। उत्तर प्रदेश आपसे विकास मांग रहा है। ये राज्य आपसे अपराध मुक्त वातावरण मांग रहा है। इस बीच आपकी कार्यशैली से उम्मीद का दीपक जला है। लेकिन ख्याल रखिएगा इस दीपक से कहीं भयानक आग न लग जाए, जिसमें यूपीवासियों की उम्मीद जलकर राख हो जाए।  

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