Saturday, February 3, 2018

कहां गया राम मंदिर का मुद्दा ?

भाजपा का घोषणा पत्र और मोदी सरकार का बजट भाषण। अचानक इसमें एक बात पर ध्यान चला गया। जय श्रीराम का नारा लगाने वा्ली भारतीय जनता पार्टी की सरकार राम मंदिर जन्मभूमि विवाद पर आखिर चुप क्यों है? सरकार के स्तर पर इसका समाधान कब निकलेगा खुद सरकार भी नहीं जानती, क्योंकि उसे अब प्रगतिशील मुसलमानों का भी वोट चाहिए। 'प्रगतिशील मुसलमानों' शब्द का इस्तेमाल इसलिए करना पड़ा क्योंकि भाजपा अच्छी तरह जानती है कि वो कितना भी प्रयास कर लें, उसके लिए मुसलमानों का दिल जीतना आसान नहीं है। सरकार ने राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर गेंद सुप्रीम कोर्ट में फेंक दिया है वहीं सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने पर जोर दिया है। यदि बातचीत से समस्या का हल निकलता तो अब तक ये समस्या सूरसा की तरह मुंह बाए खड़ी नहीं होती और इसका पॉलिटिकल माइलेज कोई और न उठा रहा होता। जाहिर है समस्या बातचीत के जरिए नहीं सुलझने वाली। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का ही इंतजार करना होगा। लेकिन एक तथ्य पर चर्चा करना जरूरी है कि मोदी सरकार ने प्रचंड बहुमत के आधार पर चार साल निकाल लिए, लेकिन इन चार सालों में उसने राम मंदिर जन्मभूमि विवाद को सुलझाने के लिए अपनी तरफ से कोई पहल नहीं की। मोदी सरकार जम्मू कश्मीर का विवाद सुलझाने के लिए दिनेश्वर शर्मा को अपना प्रतिनिधि बनाकर भेज सकती है, लेकिन बाबरी मस्जिद विवाद को सुलझाने के लिए उसके पास समय नहीं है। सरकार ने विवाद सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और गेंद सु्प्रीम कोर्ट के पाले में फेंकती रही। चार साल बीत चुके हैं अगले साल लोकसभा का चुनाव  है। यूपी में भगवाधारी आदित्यनाथ को सीएम की कुर्सी देकर यही संदेश दिया गया है कि रामभक्त शांति बनाए रखें, जब अनुकूल समय आएगा तो राम मंदिर पर चर्चा होगी। फिलहाल योगी आदित्यनाथ से ही काम चलाएं। एक बार फिर लोकसभा के चुनाव में प्रत्यक्ष न सही, अप्रत्यक्ष रूप से राम मंदिर का मुद्दा उछलेगा। विकास के मॉडल और राम मंदिर के मुद्दे पर बीजेपी शायद आगामी लोकसभा चुनाव में विरोधियों से टकराने की तैयारी में है। अब इसका उसको कितना फायदा मिलेगा। ये तो लोकसभा चुनाव के नतीजे बताएंगे। फिलहाल मोदी ने सबको रिझाने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन इन सबके बीच देखना होगा कि हर हर मोदी घर घर मोदी का जुमला धरातल पर कितना उतरता है ?

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