Monday, February 26, 2018

कितने खूबसूरत थे वो 'लम्हे'

मैं तो बेखबर था
कि तू इतनी जल्दी रुख्सत हो जाएगी।

क्या पता था ?
तेरे जाने से मेरी जान चली जाएगी!

मैं रो रहा हूं तेरी जुदाई पर
अब तू मेरे आंसू भी पोछने नहीं आएगी। 

तेरे सोलवें श्रृंगार पर नाज था मुझे
अब तो तेरी परछाई भी नजर नहीं आएगी।

खुदा गवाह है
अब नजर नहीं आएंगी तेरी निगाहें।

मौत भी बड़ी चालबाज निकली 
क्या पता था गुम हो जाएगी चांदनी?

मोहब्बत की फकीरी में घूमता रहा ताउम्र
अब किस्मत की लकीर भी काम नहीं आएगी।  

तू रूप की रानी है...
अब किसी के हाथ नहीं आएगी। 

दिल में दर्द बहुत है मगर...
दुआ है तेरी रूह जन्नत में जाएगी। 



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