Saturday, January 27, 2018

दीवार की गवाही

अक्सर कहा जाता है कि रिश्तों के बीच दीवार खड़ी हो गई है। जिसके चलते रिश्तेदारी में  दूरियां बढ़ जाती हैं।
मगर दिल चाह लें तो ये दूरियां खत्म हो जाती हैं। दीवाल टूट जाती है और फिर से रिश्तों की डोर मजबूत हो जाती है। अब बात इस तस्वीर की, जिसमें आप देख सकते हैं कि इंसानों ने दीवाल की क्या हालत बना डाली है? दीवाल भी सुंदर दिखना चाहती है। लेकिन उसकी इस ख्वाहिश पर जानवर नहीं बल्कि इंसान पानी फेरते हैं। आस्था के बल पर कब तक इन दीवारों को बचाया जा सकता है ? ऐसे में ये जरूरी हो जाता है कि दीवालों पर थूकने वाले लोगों को अपनी आदत सुधार लेनी चाहिए। वैसे भी अब सीसीटीवी कैमरों का जमाना है। दीवालों को गंदा करने वाले लोगों को आसानी से पकड़ा जा सकता है और उनसे मोटा जुर्माना वसूला जा सकता है। मगर ऐसा करने की पहल नहीं दिख रही। दीवाल गंदा ना हो इसके लिए देवी-देवताओं से चित्रित टाइल्स को सीढ़ियों की दीवारों पर लगाया दिया जाता है ताकि पान, गुटखा, तंबाकू खाने वाला इंसान कम से कम आस्था के नाम पर दीवारों को गंदा तो नहीं करेगा। बहरहाल ये दीवार ये गवाही दे रही है कि इंसान की आदत कितनी खराब है? या यूं कहें कि उसकी आदत जानवरों से भी खराब है। अब ये खराब आदत कैसे सुधरेगी इस पर अब तक कोई एक्शन प्लान नहीं बना है। पहचान बदतर हो, बिहार के लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता। वोट की ख्वाहिश में राजनीतिक दल भी चुप्पी साधे रहते हैं। सत्तासीन पार्टी भी लोगों को नाराज नहीं करना चाहती।लिहाजा जैसा चल रहा है वैसा चलने दो की तर्ज पर सत्तापक्ष अपना काम कर रहा है। 

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