Sunday, January 21, 2018

ठंड से कैसे बचेगी जान ?

उफ ये सर्दी। चारों तरफ कोहरा ही कोहरा। सबकुछ धुंधला धुंधला सा। पारा 6 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर
गया। इंसान तो इंसान इस सर्दी से जानवर भी परेशान हैं। सर्दी से बचने के लिए इंसानों ने तो कुछ इंतजाम भी कर लिए हैं, लेकिन जानवरों का तो बुरा हाल है। ठंड से वो सिकुड़ रहे हैं। ठंड की सिहरन से लोग घरों से बाहर निकल नहीं पा रहे हैं। वहीं ठंड से बचाने के लिए प्रशासन ने कोई इंतजाम भी नहीं किया है। एक समय था जब चौक-चौराहों पर प्रशासन अलाव का इंतजाम करता था। लेकिन लगता है कि इस बार प्रशासन अलाव जलाना भूल गया। प्रशासन तो स्कूलों को भी बंद करवाना भूल गया। नतीजा ये है कि बच्चे कड़कड़ाती ठंड में कांपते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। मगर शिक्षा विभाग बेखबर होकर खुद ठंड से बचने की कोशिश में है। कोहरे के बीच बस और ट्रक जोखिम उठाकर आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। कई बाइक सवार भी कोहरे के बीच खतरा उठाते नजर आ रहे हैं। सबकुछ भाग्य-दुर्भाग्य के ऊपर छोड़़ दिया गया है। अब तक ठंड ने कई लोगों की जान ले ली है। घटना और दुर्घटना के भी यात्री यात्रा करने पर मजबूर हैं। गनीमत है कि बिहार में सड़कों की स्थिति थोड़ी सुधरी है वरना दुर्घटनाओं का गणित कुछ और ही होता। इस ठंड ने प्रशासनिक अमले की तैयारी की पोल खोल दी है। शायद ये कहना गलत नहीं होगा कि शासन-प्रशासन भी ठंड के आगे बेबस है।    

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