Saturday, January 13, 2018

मेरी आत्मा मर गई

तुमने ऐसा मारा कि मेरी आत्मा मर गई।
वक्त से पहले मेरी जिंदगी हार गई।।

बचपन को रौंद कर फख्र करते हो तुम।
जवानी का हश्र देख सिसकते हैं हम।।

कागजों पर इतिहास लिख सो जाओ तुम।
मेरी सुबह बताएगी गुनहगार हो तुम।।

अब इस जहां में जीने की चाहत नहीं रखता।
इसलिए मैं अपना दर्द किसी को नहीं देता।।

मैं कभी शराफत का नकाब नहीं ओढ़ता।
लिहाजा किसी से शिकायत नहीं करता।।




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