Saturday, December 16, 2017

विजय दिवस: जरा याद करो कुर्बानी

16 दिसंबर विजय दिवस के रूप में जाना जाता है। इस दिन भारतीय सैनिकों पाकिस्तानी सैनिकों को धूल चटा दिया था। लेकिन इस युद्ध में हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देकर अपनी वीरता का परचम लहराया। ऐसे कई जवान थे जिन्होंने इस युद्ध में वीरगति को प्राप्त किया। उन्होंने अपनी शहादत देकर देश की रक्षा की। जाहिर है इस विजय दिवस के साथ पूरे देश की भावनाएं जुड़ी हैं। आज का वक्त उन वीर और साहसी जवानों को याद करने का है जिन्होंने अपने प्राण की आहूति देकर राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता को सुरक्षित रखा। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत देश का हर नागरिक आज के दिन शहीदों को याद कर रहा है। भारत का पाकिस्तान के साथ सन 1947, 1965 और 1971 को युद्ध हुआ और इन दोनों युद्धों में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी। इससे सबक न सीखते हुए पाकिस्तान ने 1999 में करगिल युद्ध करके अपनी नीचता का परिचय दिया। यहां भी पाकिस्तानी सैनिकों की एक न चली और उन्हें पीछे हटना पड़ा। इस युद्ध में भी वीर जवानों ने अपनी शहादत देकर अपने देश की रक्षा की। भारत ने 1971 में पाकिस्तान के पर कतर के बांग्लादेश को पाकिस्तान के अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। उधर चीन अपनी विस्तारवादी नीति के चलते हमेशा भारत के भूभाग को हड़पने की फिराक में रहता है। इन दो पड़ोसी देशों के छल-कपट से भारत को हमेशा सावधान रहना होगा। एक ओर पाकिस्तान भारत में आतंकवादी सप्लाई कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर चीन अपनी वस्तुओं को भारतीय बाजारों में खपा रहा है। यानि एक तरह से देखा जाए तो वो भारत की अर्थव्यवस्था पर कब्जा जमाने की फिराक में है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सिर्फ अपने जवानों की शहादत देकर ही अपने देश को बचाया जा सकता है या फिर आर्थिक रूप से महाशक्ति के तौर पर उभर कर चीन को करारा जवाब दिया जा सकता है।

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