Friday, October 20, 2017

प्रदूषण मुक्त दिवाली की ओर एक कदम...

बेतिया (पश्चिम चंपारण)  अब तक दिवाली की रात प्रदूषण का समय रहता आया है। इस बार भी दिवाली के दीये जगमगाएं, लेकिन प्रदूषण की बढ़ोतरी की आशंका सिर्फ आशंका ही साबित हुई। अब ये सरकार की कोशिश हो या फिर सोशल मीडिया की, पिछले कई सालों के मुकाबले इस बार पटाखे कम मात्रा में फोड़े गए। न तो बम ने किसी के कान सुन्न किए और न ही फुलझड़ियों ने रोशनी की आड़ में प्रदूषण से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया। कुल मिलाकर प्रदूषण के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैल रही है। इसका असर अब दिखने लगा है। भले ही चाइनीज लाइट की संख्या कम नहीं हुई है, लेकिन सतयुग में राम का 14 साल के वनवास से वापस लौटना लोगों में बड़ी खुशी की बात थी। लिहाजा दीपोत्सव का पर्व मनाकर लोगों ने अपनी खुशी का इजहार किया। कलयुग में भी अच्छाई, मान-मर्यादा और समृद्धि हर घर में आए। लोगों ने इस बार भी दिवाली के मौके पर ये मंगल कामना की है। शहर झिलमिल सितारों से जगमगाया। इस बार भी दिवाली दिल की खुशियों के इजहार का पावन समय रहा। उम्मीद करते हैं कि लोग अगली बार प्रदूषण के खिलाफ और जागरूक होंगे और पटाखों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।   

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