Friday, September 22, 2017

पाकिस्तान है कि मानता नहीं

साल-दर-साल बढ़ती जा रही हैं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की शैतानियां। पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है। मगर क्या इस राग को सुनने वाला कोई देश है? पाकिस्तान को सुनने वाले वही देश हैं जिनकी तासीर पाकिस्तान जैसी है। संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने भारत पर परमाणु हमले की धमकी दी है। इस धमकी पर भारत काफी समझदारी से अपनी रणनीति को ठोस करने में जुटा है। भारत में ऐसे कई लोग हैं जो मोदी सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हैं। अतीत गवाह है कि 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान को आजादी मिली, लेकिन इस दौरान हर पाकिस्तानी इतना बड़ा शैतान बन गया कि उसने भारत जा रहे अपने ही भाई-बहनों की हत्या कर खून की नदी बहा दी। कश्मीर पर हमला कर उसने एक बड़े इलाके पर कब्जा कर रखा है। जिसे आज पीओके कहा जाता है यानि पाकिस्तान अधिग्रहित कश्मीर।  अब ये कश्मीर कब एक होगा। इस पर किसी के भी कदम आगे नहीं बढ़़ रहे हैं।  15 अगस्त 1947 को हिन्दुस्तान को आजादी मिलने के बाद भारत ने सबको जोड़ने का काम किया। यही वजह है कि देश में 29 राज्य हैं और 7 यूनियन टेरिटरी हैं। मोहम्मद अली जिन्ना हों या और कोई मुस्लिम नेता, भारत के विजन का मुकाबला नहीं कर सकता। भारत ने जितना भी विकास  किया है उसमें जवाहरलाल नेहरू का बड़ा योगदान है। जितनी तरक्की भारत ने की है, उसका आधा भी पाकिस्तान ने तरक्की नहीं की है। हां कश्मीर का राग अलाप कर आतंकी संगठनों को शरण देने का काम वो सालों से करता आ रहा है। आजाद हुए तो पाकिस्तानियों ने नाते-रिश्ते तोड़ लिए।  तब से लेकर अब तक पाकिस्तान का मिजाज नहीं बदला है। उस वक्त मुस्लिम लीग को डर था कि हिन्दू बहुल देश में मुसलमान दोयम दर्जे के नागरिक बन कर रह जाएंगे। लेकिन आजादी के 70 साल हो गए, लेकिन खुद मुसलमान मानते है कि उनके लिए भारत ही सबसे सुरक्षित देश है। भारत की गंगा-जमुनी तहजीब में सभी धर्मों के लोग आजाद हैं। वो खुलकर अपनी बात रख सकते हैं। भले ही कुछ कुरीतियों को खत्म होने में 70 साल लग गए लेकिन ये भी सच है कि इन सत्तर सालों में भारत ने विकास की ऊंचाइयों को छूने का हौसला दिखाया है। भले ही भारत अभी भी विकासशील देशों की लिस्ट में आता है, लेकिन ये भी हकीकत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व के तीसरे नंबर पर विराजमान है। भारत के पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर विपक्षी दल आलोचना करते हैं। लेकिन मोदी को पता है कि सरहद पर  हम टैंक और मिसाइल नहीं छोड़ सकते। लिहाजा कूटनीतिक तरीके से पाकिस्तान को घेरना होगा ताकि वो अपनी हरकतों से बाज आए। सरहद पर पाकिस्तान को घेरने की गरज से मोदी अमेरिका, जापान, इजरायल समेत कई देशों की यात्रा कर रहे हैं ताकि पाकिस्तान को ये संदेश जाए कि यदि पाकिस्तान ने जंग छेड़ी तो भारत अकेला नहीं होगा। संकट की घड़ी में उसके मित्र भी साथ देंगे। लेकिन पाकिस्तान चीन की बदौलत आतंक का खेल खेलने से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान चीन के बलबूते भारत को गीदड़भभकी देता रहता है। एक तरफ पाकिस्तान अजहर मसूद और दाऊद इब्राहिम जैसे आतंकवादियों को पनाह दिया है वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खड़ा होकर  भारत को चुनौती देता रहता है। शाहिद खाकान अब्बासी की धमकी से पाकिस्तान की मंशा साफ हो गई है। जबकि भारत नेहरू के जमाने से लेकर अब तक शांति और गुट निरपेक्ष वातावरण का समर्थक रहा है। पाकिस्तान की धमकी पर भारत अपने धैर्य का परिचय दे रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने सीधे भारत पर परमाणु हमला करने की धमकी दे कर इस बात का खुलासा तो कर ही दिया कि उसके पास परमाणु हथियार हैं और यदि ये हथियार आतंकियों के हाथ लग गए तो फिर आतंक क्या होगा। इसकी कल्पना करके ही सिहरन पैदा हो जा रही है।हालांकि सैन्य शक्ति के मामले में भारत पाकिस्तान से कई कदम आगे है। ऐसे में पाकिस्तान की ये धमकी भारत को नहीं डरा सकती। फिलहाल भारत वहीं हमला करता है जहां पाकिस्तान हमला करता है। यानि भारत के जांबाज जवान दुश्मन देश पाकिस्तान को कभी पीठ नहीं दिखाते। यही वजह है कि जवानों की शहादत पर पूरा देश गर्व करता है। जब तिरंगे से लिपटा उनका पार्थिव शरीर अपने घर की दहलीज नापती है तो मातम ही सही, लेकिन उन जवानों की आन-बान-शान का इससे मुफीद तस्वीर और नहीं हो सकती। उनकी शहादत को पूरा देश सलाम करता है। पाकिस्तान की धमकी से अलग यदि विश्व के दूसरे देशों पर नजर डालें तो कई देशों में युद्ध की स्थिति पैदा होती जा रही है। अब उत्तर कोरिया को ही ले लें। इसके तानाशाह ने परमाणु परीक्षण कर सीधे-सीधे अमेरिका को चुनौती दे दी है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया की चुनौती को गंभीरता से लिया है। अमेरिका और उत्तर कोरिया के आमने-सामने आने से विश्व में गुटबाजी शुरू हो गई है।  पीएम मोदी भी जापान, अमेरिका, इजरायल जैसे देशों की यात्रा करके मित्रता को और मजबूत करने में जुटे हैं ताकि पाकिस्तान की धमकी को उसके ही अंदाज  में जवाब दिया जा सके। एक पाकिस्तान को छोड़ दें तो भारत का अपने सभी पड़ोसी देशों से संबंध अच्छे हैं। बस एक पाकिस्तान है कि मानता नहीं। बार-बार सीजफायर का उल्लंघन करता आ रहा है।  

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