Sunday, July 30, 2017

आतंकियों पर जीरो टॉलरेंस कब ?

पनामा लीक मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सुप्रीम कोर्ट से दोषी ठहराए जाने के बाद उनको पद से हटाए जाने के बाद पाकिस्तान का भविष्य कैसा होगा, ये देखना होगा। जिस देश में सरकार सेना के इशारे पर काम करती हो। ऐसी सरकार का भरोसा करना बेमानी होगी। नवाज शरीफ की भ्रष्टाचार को लेकर जो भी गति हो, वो अपनी सेना के सामने मजबूर नजर आए। अब जब नवाज और उनका परिवार पनामा की चपेट में आया है तो जाहिर है पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट  भ्रष्टाचार पर जीरो टाॅलरेंस अपना रहा है। इसकी तारीफ भारत भी करेगा, लेकिन क्या आतंकवाद पर पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट जीरो टाॅलरेंस अपनाएगा? क्या भारत के खिलाफ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी गतिविधियों पर लगाम कस सकेगा? पाकिस्तान के संरक्षण में पल रहे आतंकियों पर सीधी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट कर पाएगा। दुनिया की कोई भी अदालत न्याय करती है अन्याय नहीं। ऐसे में पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट उन आतंकी कैंपों में भी झांके, जहां आतंकी पैदा किए जाते हैं और ये आतंकी भारत में घुसकर बेगुनाहों की हत्या कर अपनी हैवानियत का परिचय देते हैं। क्या पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट इस हैवानियत पर लगाम लगा पाएगा? सुप्रीम कोर्ट से मानवता की यही फरियाद है कि आतंकियों को सलाखों के पीछे करें। भ्रष्टाचार पर जारी जीरो टाॅलरेंस की नीति आतंकवाद पर भी लागू होनी चाहिए, तभी पाकिस्तान की छवि सुधरेगी और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

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