Tuesday, July 11, 2017

कब आओगे बदरा?

मौसम विभाग की भविष्यवाणी काम नहीं आई। मध्य प्रदेश के कई इलाके ऐसे हैं जहां बारिश ने दस्तक नहीं दी है। जिसके चलते किसान भारी चिंता में हैं। कई इलाकों में अभी तक बोअनी नहीं हुई है। यदि बारिश झमाझम होने लगी तो किसानों की सारी मेहनत पानी में बह जाएगी। लेकिन अभी तो बारिश ही नहीं हो रही है। आलम ये है कि कई जगह इंद्र देवता को मनाने के लिए टोटकों का सहारा लिया जा रहा है। कहीं भजन कीर्तन का आयोजन हो रहा है तो कहीं मेढक की शादी कराई जा रही है। इतना ही नहीं प्रदेश के मुखिया भी भगवान से बारिश की कामना कर रहे हैं। हालांकि देश के उत्तरी इलाके में इतनी भारी बारिश हुई है कि बाढ़ के हालात बन गए हैं। बकायदा आपदा प्रबंधन को मैदान में मोर्चा संभालना पड़ रहा है। ऐसे हालात में जल लोगों के लिए जीवन है, लेकिन ये जीवन नरक के समान है। लेकिन जहां बारिश नहीं हो रही वहां भी जीवन आसान नहीं है। इस मुश्किल घड़ी में किसी को झमाझम बारिश की जरूरत है तो कहीं बारिश वरदान बन कर बरसे। बाकी इंद्र देव का मन जहां चाहे वहां पानी बरसाएं। बाकी बाढ़ और सूखे का समीकरण कुछ जमा नहीं। जहां बारिश नहीं हो रही वहां किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए पूछ रहा है कब आओगे बदरा ?
बादलों ने आसमान को घेरा है फिर भी आसमान से झमाझम बारिश नहीं हो रही। धरती प्यासी है। लेकिन समझ में नहीं आता किसने बादलों को बरसने से रोका है?

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