Saturday, July 8, 2017

'रिफॉर्मर' मोदी का काम जारी है

एक देश एक बाजार और एक टैक्स, ये नारा है मोदी सरकार का। नारे पर जुमलेबाजी का आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगते आए हैं,लेकिन लगता नहीं कि वो इन बातों को अहमियत देते हैं। यही वजह है कि अब वो जुमलेबाजी से हट कर अपने मिशन में जुट गए हैं। अब चाहे नोटबंदी का फैसला हो या फिर GST लागू करने का फैसला। सभी पर मोदी अपने विजन से काम कर रहे हैं। GST को लेकर भले ही वो पूरी तैयारी के साथ बाजार में न उतरे हों, लेकिन इस फैसले से उन्होंने अपनी दृढता का परिचय दिया है। नोटबंदी से लेकर GST तक का उनका कदम जोखिम भरा था, लेकिन उन्होंने तमाम जोखिम के बाद कदम उठाया। अब देखने वाली बात ये होगी कि पीएम मोदी की इस पहल का देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है। चाहे कांग्रेस की यूपीए हो या फिर भाजपा की एनडीए हो। GST को लेकर किसी ने हिम्मत दिखाई है तो वे हैं नरेंद्र दामोदर मोदी। इन तमाम कवायद के बाद भी देश की अर्थव्यवस्धा पर अभी फर्क नहीं पड़ा है। भ्रष्टाचार, काला धन या कालाबाजारी हो, इनकी जड़ें देश में काफी गहरी हैं। लेकिन मोदी सरकार का मानना है कि देश बदल रहा है। मोदी सरकार के तीन साल पूरे हो गए हैं। दो साल बाकी है। पांच साल पूरे होने पर देश के इस प्रधान सेवक को जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड रखना होगा तब जनता तय करेगी कि नरेंद्र मोदी पास हुए या फेल?

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